इमान अहमद लौटेंगी घर, बहन ने बताया क्यों हैं इलाज से नाखुश

इमान अहमद लौटेंगी घर, बहन ने बताया क्यों हैं इलाज से नाखुश

सैफी अस्पताल और डॉ मुफ्फजल लकड़ावाला 2 महीने पहले लोगों की चर्चा का केंद्र बन गए थे जब दुनिया की सबसे अधिक वजन वाली महिला इमान अहमद को मुंबई इलाज के लिए लाया गया था। उन्हें नई जिंदगी देने के लिए उन्हें मिस्र से मुंबई कार्गो प्लेन से लाया गया था।

अब इमान का परिवार रविवार को फिर अबु धाबी लौट रहा है। डॉ लकड़ावाला के मुताबिक, उनका वजन करीब 300 किलोग्राम तक घट गया है और पहले से बेहतर स्थिति में हैं, लेकिन उनकी बहन शायमा कहती हैं कि सैफी अस्पताल और डॉ लकड़ावाला ने इमान को अकेला छोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बहन को जहां अभी भी केयर की जरूरत है, वहीं अब अस्पताल उन्हें जबरन डिस्चार्ज कर रहा है।

वहीं, अस्पताल का कहना है कि उनपर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं और शायमा अपनी बहन के इलाज में हस्तक्षेप कर रही हैं। मामला इतना गंभीर हो गया कि शायमा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई कि उन्होंने इमान को बिना डॉक्टरी सलाह के पीने के लिए पानी दिया। शायमा ने मुंबई मिरर से इस संबंध में बात की। उन्होंने बताया कि कैसे अस्पताल प्रशासन और उनके बीच यह स्थिति पैदा हुई।

उन्होंने कहा, 'मैंने यह सब शुरू नहीं किया। यह सबकुछ अस्पताल ने किया है। 31 मार्च को डॉ लकड़ावाला ने अचानक कहा कि इमान को जल्द छुट्टी दे दी जाएगी। मैं हैरान थी क्योंकि 4 फरवरी को लकड़ावाला मेरे घर अलेक्जेंड्रिया इमान से मिलने आए थे और उन्होंने कहा था कि इमान को कम से कम एक साल इलाज की जरूरत है। मेरे अनुरोध के बाद उन्होंने एक वीक का और समय दिया। हमने इमान को अस्पताल से छुट्टी न देने की अपील की। लेकिन वह अपनी बात पर अड़े रहे।'

शायमा ने आगे बताया, '14 अप्रैल को मैंने एक विडियो रिकॉर्ड किया और जिसमें मैंने कहा कि लकड़वाला इमान का इलाज बंद करना चाहते हैं और इसे फेसबुक पर शेयर किया। लकड़ावाला ने मुझे और मेरी मां से वादा किया था कि इमान एक दिन चलने लगेगी। लेकिन अब तक वह खा भी नहीं सकती। अगर हमें अपनी बहन को इस हालत में ले जाना पड़े, तो फिर उसे यहां लाने का क्या मतलब था?'

डॉक्टर्स जहां दावा कर रहे हैं कि इमान का वजन 300 किलोग्राम कम हुआ है, शायमा का दावा है कि उनकी बहन का वजन सिर्फ 100 किलोग्राम घटा है। शायमा ने कहा कि डॉ. लकड़ावाला ने उनसे कहा कि उनकी बहन का वजन 498 किलोग्राम रहा होगा, लेकिन कभी भी उसका वजन सैफी अस्पताल में मापा नहीं गया। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया? शायमा ने कहा, 'मुझसे कहा गया था कि मैं प्रेस में न जाऊं।'

शायमा हालांकि, स्वीकार करती हैं कि अस्पताल में उनकी बहन का डॉक्टर ने बहुत ख्याल रखा है, लेकिन जब उसे छुट्टी देने की घोषणा की गई तब से स्थिति बदल गई।





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