गुजरात में जीका वाइरस पर गरमाई सियासत, क्या राज्य सरकार ने वाइब्रैंट गुजरात के लिए छिपाई जानकारी?

गुजरात में जीका वाइरस पर गरमाई सियासत, क्या राज्य सरकार ने वाइब्रैंट गुजरात के लिए छिपाई जानकारी?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुजरात में जीका वाइरस से पीड़ित 3 लोगों की पुष्टि की तो अब इस पर सियासत भी गरमा सकती है। ऐसी चर्चाएं हैं कि गुजरात और केंद्र सरकार ने सूबे के सबसे चर्चित वैश्विक कार्यक्रम 'वाइब्रेंट गुजरात' को देखते हुए इस सूचना को छिपाया।

'वाइब्रेंट गुजरात समिट' में सैकड़ों विदेशी मेहमान, विदेशी प्रतिनिधि और राजदूतों को शामिल होना था। ऐसा कहा जा रहा है कि विदेशी मेहमानों में जीका को लेकर भय न फैल जाए, इसे देखते हुए सूचना को छिपाया गया।

वाइब्रेंट गुजरात सम्मेलन 2017 में 100 से अधिक देश, 12 सहयोगी देश और 2700 से अधिक विदेशी अतिथियों के अलावा 9 नोबल पुरस्कार विजेता भी शामिल हुए थे। पिछले एक सालों से अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, ताइवान, साउथ कोरिया, मलयेशिया, इंडोनेशिया और कनाडा उन लोगों के लिए ट्रैवल अडवाइजरी जारी कर रहे हैं जो जीका प्रभावित देशों में जा रहे हैं।

जनवरी और फरवरी 2017 के बीच अहमदाबाद के 3 लोगों के जीका वाइरस से प्रभावित होने की बात सामने आई थी। नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वाइरॉलजी, पुणे ने भी इसकी पुष्टि की थी। बाद में 26 मई को WHO ने भी इस खबर को कन्फर्म किया। एक पूर्व स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार लोगों के स्वास्थ्य को गंभीरता से नहीं ले रही है।

उन्होंने कहा कि अगर इम मामले में पुष्टि नहीं भी हुई थी तो सरकार को एक हेल्थ अलर्ट जारी करना चाहिए था। उनके मुताबिक सामान्य स्थिति में ऐसा अलर्ट अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की तरफ से आना चाहिए था पर निगम को भी अंधेरे में रखा गया। इस मामले से उस घटना की भी याद आ गई जिसमें बर्ड फ्लू के खतरे को भी जानबूझकर दबा कर रखा गया।

उनके मुताबिक अगर जीका रिपोर्ट्स समिट के दौरान सामने आ गईं होतीं तो गुजरात सरकार के प्रयासों पर पानी फिर सकता था। वाइब्रेंट गुजरात में सरकार ने करीब 30 लाख करोड़ रुपये के 24000 से अधिक एमओयू साइन किए थे। पूर्व स्वास्थ्य अधिकारी के मुताबिक, 'कौन जानता है कि ऐसे कई और मामले छिपाकर रखे गए हों और केवल 3 मामलों की रिपोर्ट की गई हो। यह काफी गंभीर मामला है। समिट के दौरान आने वाले विदेशी मेहमान भी संक्रमित हो सकते थे। आप (सरकार) लोगों की जिंदगी के साथ खेल रहे हैं।'

जीका वाइरस के संक्रमण की पुष्टि होने के बाद अहमदाबाद के लोग इसे लेकर चिंतित हैं। हालांकि राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि सभी 3 केसों को सफलतापूर्वक ठीक कर दिया गया है। सरकार ने कहा है कि अब गुजरात में जीका वाइरस को लेकर कोई खतरा नहीं है। यह पूछे जाने पर कि सरकार ने उस समय इसकी जानकारी क्यों नहीं दी, स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि यह कोई सीक्रिट नहीं था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने संसद के पिछले सत्र (मार्च) के दौरान ही इसकी जानकारी दे दी थी।





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